PESA अधिनियम के मुख्य उद्देश्य

PESA (Panchayats Extension to Scheduled Areas) अधिनियम के मुख्य उद्देश्य हैं:

PESA (Panchayats Extension to Scheduled Areas) अधिनियम, 1996 एक भारतीय कानून है जिसका उद्देश्य अनुसूचित क्षेत्रों में पंचायती राज को मजबूत करना है। यह अधिनियम 24 दिसंबर 1996 को लागू हुआ था।

PESA अधिनियम के मुख्य उद्देश्य हैं:

1. अनुसूचित क्षेत्रों में पंचायती राज को मजबूत करना: PESA अधिनियम का उद्देश्य अनुसूचित क्षेत्रों में पंचायती राज को मजबूत करना है, ताकि इन क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी समुदायों को अपने स्थानीय मुद्दों का समाधान करने में मदद मिल सके।
2. आदिवासी समुदायों के अधिकारों की रक्षा करना: PESA अधिनियम का उद्देश्य आदिवासी समुदायों के अधिकारों की रक्षा करना है, विशेष रूप से उनके जमीनी अधिकारों की रक्षा करना।
3. स्थानीय स्वशासन को बढ़ावा देना: PESA अधिनियम का उद्देश्य स्थानीय स्वशासन को बढ़ावा देना है, ताकि अनुसूचित क्षेत्रों में रहने वाले लोग अपने स्थानीय मुद्दों का समाधान करने में सक्षम हों।

PESA अधिनियम के कुछ मुख्य प्रावधान हैं:

1. पंचायती राज की स्थापना: PESA अधिनियम के तहत, अनुसूचित क्षेत्रों में पंचायती राज की स्थापना की जानी है।
2. आदिवासी समुदायों की भागीदारी: PESA अधिनियम के तहत, आदिवासी समुदायों को पंचायती राज में भागीदारी करने का अधिकार है।
3. जमीनी अधिकारों की रक्षा: PESA अधिनियम के तहत, आदिवासी समुदायों के जमीनी अधिकारों की रक्षा की जानी है।

PESA अधिनियम का कार्यान्वयन भारत सरकार और राज्य सरकारों द्वारा किया जाता है।


आपको यह भी पसंद आ सकता है