कोयान द विज़न के उद्देश्य
कोयान द विज़न के उद्देश्य
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| 1 | संबंधित पाठ्यक्रमों का संचालन कर उन्हें शिक्षा प्रदान करना तथा के0जी0प्राईमरी,नर्सरी,प्राथमिक, माध्यमिक, हाई स्कूल,हाई सेकेण्डरी,आई.टी.आई,कम्प्यूटर प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना व संचालन करना। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में नर्सिंग काॅलेज में फामेंसी काॅलेज, पेरामेडिकल काॅलेज,डी.एड., बी.एड,एम.एड.बी.टी.आई इत्यादि महाविद्यालयों का संचालन कर जनकल्यामणकारी कार्य करना। | ||
| 2. | शिक्षा से वंचित अथवा शाला त्यागी बच्चों /वयस्कों को पुनः औपचारिक अथवा अनुपचारिक शिक्षा से जोड़ने के लिए कार्य करना। विभिन्न बिमारियों के प्राथमिक ईलाज एवं रोकथाम हेतु आवश्यकतानुसार समय-समय पर स्वास्थ्य शिवरों तथा पशु स्वास्थ्य शिवरों का आयोजन करना। विभिन्न बिमारियों जैसे-मलेरिया,स्वाईन फ्लू वैक्टर जनित बिमारियों आदि के रोकथाम हेतु जागरुकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करना। प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम संचालित करना। कुपोषित बच्चों पुनर्वास हेतु केंद्र संचालित करना। | ||
| 3. | पंचायती राज प्रतिनिधियों,स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, शिक्षकों,पालक,शिक्षक संघ, स्वयंसेवी, संगठनों आदि की क्षमता हेतु समय-समय पर आवश्यकतानुसार प्रशिक्षण आयोजित करना। ऊर्जा जल एवं पर्यावरण संरक्षण हेतु समस्त कार्य करना। विभिन्न शासकिय योजनाओं कार्यक्रमों कृषि, जल, पर्यावरण,ऊर्जा संरक्षण आदि के क्षेत्र में नई तकनीकों एवं नयें समुदाय की आवश्यकता के अनुसार जानकारी देने हेतु सूचना केंद्रों का संचालन करना। कृषि ऊर्जा,जल एवं पर्यावरण संरक्षण हेतु ऐसी तकनीकों का विकास करना। | ||
| 4. | विभिन्न फसलों की उच्च तकनीक,फसल चक्र, फसल पध्दति व फसल प्रणाली में बदलाव के लिए फसलों की व्यवस्था करना एवं नवीन कृषि उपकरणों से अवगत कराना। पौधों का संरक्षण तकनीकों की जानकारी एवं विकास , जैव विविधता विकास व अन्य कृषि,आधारित उद्यमों के विकास के लिए संबंधित विभागों और योजनाओं से समन्वय स्थापित करना। जैविक खेती के विस्तार हेतु सभी कार्य जैसे- जैविक कीटनाशकों,खाद आदि की व्यवस्था व उत्पादन करना तथा उनके विपणन हेतु व्यवस्था करना। बीज उत्पादन एवं उसके विपणन हेतु मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण। | ||
| 5. | औषधीय पौधों की खेती को प्रोत्साहित करना। ग्रामीण स्वच्छता कार्यक्रम को राज्य एवं केंद्र की सहायता से संचालित करना। सामाजिक रुप से कमजोर वर्गाें,वृध्दों,निराश्रितों,विधवा/परिपक्वता,एवं बालकों व महिलाओं के कल्याण एवं उत्थान के लिए कार्यक्रम चलाना तथा उनके कल्याण एवं पुनर्वास के लिए आश्रमों तथा व्यवसायिक प्रशिक्षण केंद्रों का संचालन करना। निःशक्त जनों के कल्याण एवं पुनर्वास हेतु आवासीय विद्यालयों का एवं व्यवसायिक प्रशिक्षण केंद्रों का संचालन करना। | ||
| 6. | विभिन्न विषयों पर आवश्यकतानुसार एवं समय-समय पर वर्कषीप, सेमिनार,काॅंफ्रेंस साहित्यिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों, प्रतियोगितओं, खेलकूद, प्रतियोगिताओं आदि का प्रबंध करना। बालवाड़ी आंगनवाड़ी,आंगनवाड़ी झूलाघर,व्यवासायिक प्रशिक्षण केंद्र जैसे-सिलाई सेंटर,आदि का संचालन करना। किशोर,किशोरियों,युवओं एवं महिलाओं के परामर्ष के लिए विविध कार्यक्रमों केा संचालित करना। | ||
| 7. | किशोर,किशेरियों,युवाओं एवं महिलाअें के परामर्श के लिए विविध कार्यक्रमों को संचालित करना। आपदा प्रबंधन के मुद्दों पर जन समुदाय को प्रशिक्षण प्रदान करना। सामाजिक विकास एवं जनकल्याण हेतु कार्यक्रमों का संचालन करना। विभिन्न सरकारी तथा गैरसरकारी संस्थाओं द्वारा संचालित कार्यक्रमों का एवं उनके लिए शोक ,अनुसंधान एवं मूल्यांकन करना। क्षेत्र में कार्यरत सरकारी तथा गैरसरकारी संस्थाओं के साथ समन्वय हेतु कार्य करना। स्थानीय समुदाय समिति विकास हेतु धनराषि एकत्रित करना। जनकल्याण हेतु खर्च करना। | ||
| 8. | क्षेत्र में कार्यरत सरकारी तथा गैरसरकारी सस्थाओं के साथ समन्वय हेतु कार्य करना। स्थानीय समुदाय समिति संस्थाओं आदि से समुदाय के विकास हेतु धनराशि एकत्रित करना एवं उन्हें जनकल्याण हेतु खर्च करना। |
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